दुनिया मेरी नजर से
Thursday, July 21, 2011
मैं और मेरी दादी
मैं और मेरी दादी रोज लूडो खेलते हैं. कभी-कभी खेलने का समय नहीं भी मिलता है. सांप-सीढ्री और कैरम भी खेलते हैं. मैं तो अक्सर दादी को छत पर भी लेकर जाता हूं और वहां फुटबाल खेलता हूं और कभी-कभी दौड़ता भी हूं.
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