Monday, November 21, 2011

मैं, नानू और मम्‍मी, मिठ.ठी

मिठृठी मम्‍मी की गोद में है. मैं, नानू जा रहे हैं भरत नगर की तरफ. भरत नगर में एक अच्‍छा सा मैदान है, जिसमें बहुत अच्‍छे-अच्‍छे झूले हैं. फिसलपटटी है और झूला भी है. यहां बच्‍चों की लंबाई बढाने के लिए लटकने वाला झूला भी है. एक झूले पर नानू मुझे और मिठ़ठी को झूला झुला रहे हैं. मम्‍मी बगल में खडे होकर देख रही है. मिठठी मस्‍ती कर रही है, झूले पर.

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Thursday, September 8, 2011

नानू, मम्‍मी, मीठी और गणपति





गणपति बप्‍पा मोरया



मैं तो जमुडी में हूं, इस बार गणपति बप्‍पा को देख नहीं पाउंगा, लेकिन भोपाल में मम्‍मी, पापा ने गणपति की स्‍थापना की है. जरा फोटो में ही देख लूं कैसे हैं गणपति बप्‍पा

Thursday, August 11, 2011

मैंने बनाया हवाईजहाज


एक दिन मैंने सोचा कि मैं हवाई जहाज में उडूंगा. अब इतनी जल्‍दी तो हवाई जहाज मिल नहीं सकता. तो मैंने अपने कंप्‍यूटर पर बना डाला यह हवाई जहाज. अब यह तो आपको ही बताना होगा कि कैस बना है मेरा हवाई जहाज.

अब जरा मेरी बोट भी तो देखिए


मैंने अपने कंप्‍यूटर पर एक बोट भी बनाई है. इसमें तो आसमान में बादल भी दिख रहे हैं और पीले रंग में नजर आ रहा है सूरज का गोला, जरा बताइएगा कि कैसी बनी है मेरी बोट

जरा देखिए तो सही, मैंने कैसी पतंग बनाई


आज यानी 11 अगस्‍त को जब मैं न्‍यू मार्केट से घूमकर वापस घर लौटा तो सोचा कि कंप्‍यूटर पर कोई पेंटिंग या डिजाइन ही बना दूं. पहले मैंने एक सीधा ट्राईएंगल बनाया. इसके नीचे एक उल्‍टा ट्राईएंगल बना दिया. बीच में मैंने दो गोले बना दिए. वास्‍तव में मैं पतंग बनाना चाह रहा था, अब आप ही बताइए कि कैसी बनी है मेरी पतंग

Thursday, July 21, 2011

मैं और मेरी दादी


मैं और मेरी दादी रोज लूडो खेलते हैं. कभी-कभी खेलने का समय नहीं भी मिलता है. सांप-सीढ्री और कैरम भी खेलते हैं. मैं तो अक्‍सर दादी को छत पर भी लेकर जाता हूं और वहां फुटबाल खेलता हूं और कभी-कभी दौड़ता भी हूं.